चिंतन मंच के तहत घरों पर फहराई जाएंगी केसरिया ध्वजायें
30 मार्च से 6 अप्रैल तक नवरात्रि पर विराट हिउस के तहत होंगे भव्य कार्यक्रम
देवी मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग, 6 अप्रेल को मनेगी राम नवमीं
भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर होकर नूतन वर्ष 2082 का आगाज- कैलाश मंथन*
चिंतन मंच के तहत घरों पर फहराई जाएंगी केसरिया ध्वजायें
गुना। विराट हिन्दू उत्सव समिति चिंतन मंच के तहत 30 मार्च से 6 अप्रैल तक नवरात्रि का पर्व भव्यता से मनाया जा रहा है। वहीं 6 अप्रेल को भगवान राम के जन्मोत्सव पर श्री राम मंदिरों में महाआरती आयोजित होगी। इसके अलावा 12 अप्रैल चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती शक्ति दिवस के रूप में मनाई जाएगी। विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि परंपरानुसार जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर घने जंगलों में स्थित मां निहाल देवी एवं 10 किमी दूर मां बीस भुजा देवी भवानी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भारी उमडऩेे की संभावना है। सभी शक्तिपीठों पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान दर्शनार्थ पहुंचते हैं। इन स्थलों पर एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की गई है।
निहालदेवी एवं बीस भुजी पर रहता है पेयजल का अभाव
विराट हिन्दू उत्सव समिति के संयोजक कैलाश मंथन ने जिले के बीसभुजा देवी मंदिर, निहाल देवी सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर नवरात्रि एवं हनुमान जयंती के दौरान आवश्यक सुविधाएं भक्तों को उपलब्ध कराने की मांग की गई है। श्री मंथन ने कहा कि निहालदेवी मंदिर पर पेयजल का आभाव लगातार बना हुआ है। दर्शनार्थियों को पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, निरंतर विद्युत आपूर्ति, पेजयल आपूर्ति एवं पहुंच मार्गों को तत्काल दुरूस्तीकरण की मांग हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने की है।*
भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर होगा नूतन वर्ष का स्वागत*
वहीं विराट हिन्दू उत्सव समिति एवं चिंतन मंच के तहत अंचल में भारतीय नव संवत्सर महोत्सव पर भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। 30 मार्च को चैत्र शुक्ल एकम को नवसंवत्सर 2082 का प्रारंभ होगा। गुडी पड़वा के दिन सभी धर्मावलंबियों से हाथ जोड़कर नववर्ष का अभिवादन करने की अपील की गई है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से नव संवत्सर का स्वागत केसरिया ध्वज लगाकर अपने-अपने घरों पर परिवार के साथ मनाने का आव्हान किया है। इस दिन सूर्य उपासना के तहत भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर सूर्य नमस्कार किया जाएगा। विराट हिन्दू उत्सव समिति के संस्थापक कैलाश मंथन के मुताबिक अंचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों केदारनाथ, मालपुर, बरजंगगढ़, हनुमान टेकरी सहित निज निवासों में सनातन धर्मावलंबी नए संवत की शुरूआत भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर करेंगे।
देवी मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग, 6 अप्रेल को मनेगी राम नवमीं
भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर होकर नूतन वर्ष 2082 का आगाज- कैलाश मंथन*
चिंतन मंच के तहत घरों पर फहराई जाएंगी केसरिया ध्वजायें
गुना। विराट हिन्दू उत्सव समिति चिंतन मंच के तहत 30 मार्च से 6 अप्रैल तक नवरात्रि का पर्व भव्यता से मनाया जा रहा है। वहीं 6 अप्रेल को भगवान राम के जन्मोत्सव पर श्री राम मंदिरों में महाआरती आयोजित होगी। इसके अलावा 12 अप्रैल चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती शक्ति दिवस के रूप में मनाई जाएगी। विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि परंपरानुसार जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर घने जंगलों में स्थित मां निहाल देवी एवं 10 किमी दूर मां बीस भुजा देवी भवानी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भारी उमडऩेे की संभावना है। सभी शक्तिपीठों पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान दर्शनार्थ पहुंचते हैं। इन स्थलों पर एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की गई है।
निहालदेवी एवं बीस भुजी पर रहता है पेयजल का अभाव
विराट हिन्दू उत्सव समिति के संयोजक कैलाश मंथन ने जिले के बीसभुजा देवी मंदिर, निहाल देवी सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर नवरात्रि एवं हनुमान जयंती के दौरान आवश्यक सुविधाएं भक्तों को उपलब्ध कराने की मांग की गई है। श्री मंथन ने कहा कि निहालदेवी मंदिर पर पेयजल का आभाव लगातार बना हुआ है। दर्शनार्थियों को पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, निरंतर विद्युत आपूर्ति, पेजयल आपूर्ति एवं पहुंच मार्गों को तत्काल दुरूस्तीकरण की मांग हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने की है।*
भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर होगा नूतन वर्ष का स्वागत*
वहीं विराट हिन्दू उत्सव समिति एवं चिंतन मंच के तहत अंचल में भारतीय नव संवत्सर महोत्सव पर भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। 30 मार्च को चैत्र शुक्ल एकम को नवसंवत्सर 2082 का प्रारंभ होगा। गुडी पड़वा के दिन सभी धर्मावलंबियों से हाथ जोड़कर नववर्ष का अभिवादन करने की अपील की गई है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से नव संवत्सर का स्वागत केसरिया ध्वज लगाकर अपने-अपने घरों पर परिवार के साथ मनाने का आव्हान किया है। इस दिन सूर्य उपासना के तहत भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर सूर्य नमस्कार किया जाएगा। विराट हिन्दू उत्सव समिति के संस्थापक कैलाश मंथन के मुताबिक अंचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों केदारनाथ, मालपुर, बरजंगगढ़, हनुमान टेकरी सहित निज निवासों में सनातन धर्मावलंबी नए संवत की शुरूआत भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर करेंगे।
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